0

प्रेमानंद महाराज से गुहार: बीमार मां की सेवा के लिए बेटे को घर भेजें

By Nov 30, 2025

वृंदावन में स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहाँ एक बेबस माता-पिता अपने इकलौते बेटे को वापस पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। घर-परिवार को छोड़कर प्रेमानंद महाराज की भक्ति में लीन हो गए अपने बेटे को तलाशते हुए ये माता-पिता आश्रम पहुँचे और महाराज से उन्हें समझाकर घर वापस भेजने की मार्मिक गुहार लगाई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पिता ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को प्रेमानंद महाराज से गुरु दीक्षा दिलवाई थी, लेकिन यह शर्त रखी थी कि वह घर पर रहकर ही भक्ति करेगा और माता-पिता की सेवा करेगा। लेकिन करीब चार महीने पहले उनका इकलौता बेटा माता-पिता को छोड़कर प्रेमानंद महाराज से अत्यधिक प्रभावित होकर उनके आश्रम में रहने आ गया।

माता-पिता ने बताया कि करीब दो महीने पहले भी वे अपने बेटे को लेने आए थे, लेकिन वह वापस जाने को तैयार नहीं हुआ। आज वे एक बार फिर उम्मीद लेकर यहाँ पहुँचे हैं, पर बेटा अब भी घर लौटने को राज़ी नहीं है। पिता की आवाज़ में दर्द साफ़ झलक रहा था, जब उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है और उसकी सेवा के लिए बेटे का साथ अत्यंत आवश्यक है। वे लोग इस स्थिति में बहुत परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि राधारानी की सेवा करना निश्चित रूप से एक पुनीत कार्य है, लेकिन यह माता-पिता को कष्ट देकर नहीं किया जा सकता। पिता ने यह भी कहा कि स्वयं प्रेमानंद महाराज भी कहते हैं कि माता-पिता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। ऐसे में, उनसे यही निवेदन है कि वे उनके बेटे को समझाएं और घर वापस भेजें, क्योंकि माता-पिता को कष्ट देकर भगवत प्राप्ति संभव नहीं है।

पिता की मार्मिक अपील थी कि बेटा भले ही उनकी सेवा न करे, लेकिन अपनी बीमार माँ की सेवा तो करे। उन्होंने कहा कि यदि बेटे को विवाह नहीं करना है तो न करे, वह भक्ति में ही लीन रहे, लेकिन कम से कम जब तक उसकी माँ स्वस्थ न हो जाए, तब तक वह उनके साथ घर पर रहे। माता-पिता की यह पुकार हर किसी को भावुक कर रही है और लोग सोशल मीडिया पर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें