प्रेमानंद महाराज राधा रानी की शरण में, भक्तों की उमड़ी भीड़
वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज शनिवार को आध्यात्मिक नगरी की आराध्य देवी राधा रानी की शरण में पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से राधा रानी की पूजा-अर्चना की और अपनी भीगी पलकों से इष्टदेवी से कुशलता की प्रार्थना की। इस दौरान, महाराज की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में भक्त मंदिर परिसर और सीढ़ियों पर एक घंटे से भी अधिक समय तक डटे रहे, जो उनकी गहरी आस्था का प्रतीक था।
सुबह नौ बजे सीढ़ियों के रास्ते पैदल चलकर मंदिर पहुंचे प्रेमानंद महाराज का स्वागत सेवायत रामभरोसी गोस्वामी, प्रेम विहारी गोस्वामी, पप्पू गोस्वामी और मोनू गोस्वामी ने किया। उन्होंने महाराज को राधा रानी की प्रसाद स्वरूप चुनरी और प्रसाद भेंट किया। जैसे ही यह खबर फैली कि प्रेमानंद महाराज मंदिर में विराजमान हैं, दूर-दूर से आए श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे। मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा, जिसने वृंदावन के भक्तिमय वातावरण को और भी प्रगाढ़ बना दिया।
भक्तों की अपने प्रिय संत के प्रति यह श्रद्धा इतनी गहरी थी कि महाराज जिस भी रास्ते से गुजर रहे थे, श्रद्धालु उस स्थान की रज (धूल) को अपने माथे पर लगा रहे थे। यह दृश्य स्थानीय संस्कृति, संत परंपरा और भक्तों के अटूट विश्वास का एक प्रेरणादायक प्रमाण था। इस भव्य आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो देश-विदेश के लाखों लोगों तक इस आध्यात्मिक अनुभूति को पहुंचा रहे हैं। राधा रानी मंदिर में संत प्रेमानंद महाराज का आगमन केवल भक्तों के लिए आनंद का क्षण नहीं था, बल्कि यह भक्ति की शक्ति और संतों के प्रति जनमानस की अगाध श्रद्धा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।
