पोक्सो एक्ट: किशोरी से छेड़छाड़ के दोषी को चार साल की जेल, लगा अर्थदंड
थाना टूंडला क्षेत्र से सामने आए एक गंभीर मामले में न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए गए केशव सिंह चौहान को चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, दोषी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि दोषी यह अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ सकता है।
यह घटना 8 अगस्त 2021 की है, जब टूंडला क्षेत्र निवासी एक 17 वर्षीय किशोरी ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। रास्ते में उसकी मुलाकात केशव सिंह चौहान, निवासी द्वारकापुरम, से हुई। केशव ने किशोरी से लौटते समय मिलने को कहा। किशोरी जब ट्यूशन पढ़कर लौट रही थी, तो जूनियर हाईस्कूल के पास केशव ने उसे रोका और स्कूल के अंदर ले गया। आरोप है कि स्कूल के अंदर केशव ने किशोरी के साथ अश्लील हरकतें कीं।
किसी तरह किशोरी वहां से छूटकर अपने घर पहुंची और उसने परिजनों को आपबीती सुनाई। किशोरी के पिता ने तुरंत थाना टूंडला में केशव सिंह चौहान, पुत्र अनुरुद्ध सिंह, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया।
पुलिस ने गहन विवेचना के बाद न्यायालय में केशव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या 3, राजीव सिंह की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अजमोद कुमार चौहान ने की।
मुकदमे के दौरान न्यायालय में कई गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए और महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। गवाहों की गवाही और प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर, न्यायालय ने केशव सिंह चौहान को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने दोषी को चार साल के कारावास की सजा सुनाई और उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह फैसला नाबालिगों के संरक्षण और ऐसे अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
