पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट की नहीं हो रही बिक्री, दावों के बावजूद कोई ऑर्डर नहीं
पाकिस्तान अपने JF-17 लड़ाकू विमानों और अन्य हथियारों की बिक्री को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत में अब तक उसे कोई भी ऑर्डर नहीं मिला है। रक्षा बिक्री से जुड़े तीन सूत्रों ने बताया कि इस्लामाबाद ने 13 देशों के साथ बातचीत की है, जिनमें से छह से आठ देशों के साथ अंतिम दौर की चर्चाएं चल रही हैं। इन चर्चाओं में JF-17, निगरानी ड्रोन और हथियार प्रणाली शामिल हैं।
हालांकि, पाकिस्तानी सेना और रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। रक्षा उत्पादन मंत्री ने दावा किया है कि कई देशों ने इन हथियारों में रुचि दिखाई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण हथियारों की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के चलते कई देश नए विकल्प तलाश रहे हैं, जिसका फायदा उठाने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है।
यह स्थिति आम जनता के लिए चिंताजनक है क्योंकि देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ऐसे दावों से उम्मीदें बढ़ जाती हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहा। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बातचीत हमेशा समझौते में नहीं बदलती। पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन मंत्री ने भी स्वीकार किया है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ये वार्ताएं विफल हो सकती हैं।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक वरिष्ठ शोधकर्ता ने स्पष्ट किया है कि यह कहना मुश्किल है कि JF-17 को लेकर कितनी वार्ताएं समझौते तक पहुंचेंगी, खासकर जब बीजिंग कुछ आपत्तियों को दर्ज करा सकता है। सूत्रों के अनुसार, जिन देशों के साथ बातचीत चल रही है उनमें सूडान, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मोरक्को, इथियोपिया, लीबिया और नाइजीरिया शामिल हैं। बांग्लादेश और इराक ने भी JF-17 को लेकर चर्चा की है, लेकिन इन वार्ताओं का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
