‘पितृसत्तात्मक और महिला विरोधी मानसिकता’: रोहिणी के आरोपों पर भाजपा का लालू परिवार पर तीखा हमला
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में चल रही आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद, लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लालू परिवार पर तीखा हमला बोला है।
रोहिणी आचार्य ने दावा किया है कि राजद नेता संजय यादव और तेजस्वी यादव के करीबी दोस्त रमीज खान ने उन्हें पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सनसनीखेज आरोप भी लगाए, जिनमें उन पर चप्पल उठाने से लेकर ‘गंदी किडनी’ के बदले चुनाव टिकट खरीदने का आरोप तक शामिल है। गौरतलब है कि रोहिणी ने 2022 में अपने पिता लालू यादव को अपनी एक किडनी दान की थी। उनके इन सार्वजनिक आक्रोश के बाद भाजपा को लालू परिवार पर तंज कसने का मौका मिल गया।
भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने यादव परिवार को ‘पितृसत्तात्मक, महिला विरोधी और पुरुष-प्रधान मानसिकता’ वाला बताया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “रोहिणी आचार्य ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने पिता लालू प्रसाद को अपनी किडनी दान कर दी, ताकि उनका जीवन कुछ समय के लिए बढ़ाया जा सके। लेकिन लालू ने अपनी बेटी रोहिणी के सम्मान से ज्यादा अपने बेटे तेजस्वी को तरजीह दी। आज रोहिणी आचार्य सार्वजनिक रूप से कह रही हैं कि उन्हें परिवार में चप्पलों से भी पीटा जाता था। यह लालू परिवार की पितृसत्तात्मक, महिला विरोधी और पुरुष प्रधान मानसिकता का असली चेहरा है। उनसे महिलाओं के सम्मान की उम्मीद करना भी अनुचित है।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी इस मुद्दे पर हमला बोलते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि जो लोग एक परिवार को भी एकजुट नहीं रख सकते, वे बिहार जैसे राज्य को कैसे चला सकते हैं। भाजपा का आरोप है कि लालू परिवार महिलाओं को केवल वोट बैंक समझता है और उन्हें सम्मान नहीं देता। पार्टी ने इस मामले पर लालू परिवार से सफाई भी मांगी है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जिसमें परिवारिक कलह अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
