पितृ दोष के संकेत पहचानें और पाएं इन आसान उपायों से मुक्ति
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पितर नाराज हों तो व्यक्ति को जीवन में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति को पितृ दोष के रूप में जाना जाता है। पितृ दोष लगने पर कुछ ऐसे संकेत भी दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना उचित नहीं होता। यदि आपको भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं, तो यह पितृ दोष का सूचक हो सकते हैं।
पितृ दोष से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम उपाय पितरों का सही विधि से तर्पण और श्राद्ध कर्म करना माना गया है। इसके अतिरिक्त, योग्य ब्राह्मणों को भोजन कराना और घर में पवित्र गीता का पाठ करना भी इस दोष से राहत पाने के प्रभावी तरीके हैं।
इसके अलावा, प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करने से भी इस स्थिति में सुधार देखा जा सकता है। इसके लिए, शिवलिंग पर जल में थोड़ा गंगाजल और काले तिल मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। पितृ दोष से पूर्ण मुक्ति के लिए 21 सोमवार तक गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जप करना भी लाभकारी सिद्ध होता है।
दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है। इस दिशा में पितरों की तस्वीर स्थापित करें और प्रतिदिन उनके निमित्त सरसों के तेल का दीपक जलाएं। काले तिल युक्त जल दक्षिण दिशा की ओर अर्घ्य के रूप में अर्पित करें। विशेष कृपा प्राप्ति के लिए, पितरों की तस्वीर के समक्ष धूप, अगरबत्ती और फूलमाला अर्पित करने से भी पितृ दोष से राहत मिल सकती है।
