पीएम किसान योजना: 22वीं किस्त के लिए फार्म रजिस्ट्री अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। सरकार ने इस योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब किसानों को सम्मान निधि प्राप्त करने के लिए सबसे पहले ‘फार्म रजिस्ट्री’ कराना अनिवार्य होगा। यदि आपने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो आप पीएम-किसान की अगली किस्त से वंचित रह सकते हैं।
यह ‘फार्म रजिस्ट्री’ एक तरह का यूनिक आईडी है, जो आधार कार्ड की तरह ही किसानों की पहचान सुनिश्चित करेगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से किसानों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी जमीन का रिकॉर्ड, खेती-बाड़ी से संबंधित अन्य जानकारी शामिल होगी। इस यूनिक आईडी से न केवल पीएम-किसान योजना, बल्कि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। साथ ही, किसानों को बार-बार ई-केवाईसी कराने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी।
बांका जिले के आंकड़ों के अनुसार, कुल दो लाख 11 हजार किसान पीएम-किसान योजना से जुड़े हैं, लेकिन इनमें से केवल 12 हजार 737 किसानों का ही फार्म रजिस्ट्री हो सका है। यह संख्या कुल निबंधित किसानों का लगभग साढ़े सात प्रतिशत है। जिला कृषि पदाधिकारी त्रिपुरारी शर्मा ने बताया कि फार्म रजिस्ट्री में मुख्य बाधा राजस्व कर्मचारियों द्वारा ई-केवाईसी के सत्यापन और आईडी बनाने में की जा रही अनदेखी है। इस समस्या के समाधान के लिए अब फिर से एक विशेष अभियान चलाने की पहल की जा रही है, जिसके तहत कैंप लगाकर अधिक से अधिक किसानों का फार्म रजिस्ट्री किया जाएगा।
फार्म रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कृषि विभाग और राजस्व विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। सबसे पहले, कृषि समन्वयकों द्वारा किसानों का सत्यापन और ई-केवाईसी किया जाता है। इसके बाद, राजस्व कर्मचारी किसान की जमीन का सत्यापन कर यूनिक आईडी जेनरेट करते हैं। इस प्रक्रिया के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, जमीन की रसीद और आधार से लिंक मोबाइल नंबर देना होगा। इस यूनिक आईडी में किसान का नाम, पिता का नाम, जमीन का खाता-खेसरा नंबर, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जानकारी शामिल होगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का फार्म रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें पीएम-किसान की 22वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसलिए, सभी किसानों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करा लें ताकि वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
