पौधारोपण से किसान कमाएंगे डॉलर, कार्बन क्रेडिट योजना से बदलेगी तकदीर
बाराबंकी के किसानों के लिए एक सुनहरी अवसर आया है, जिसके तहत वे न केवल अपने खेतों को हरा-भरा कर सकेंगे, बल्कि डॉलर में भी कमाई कर पाएंगे। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई कार्बन क्रेडिट योजना के माध्यम से अब किसान अपने खेतों, मेड़ों या बंजर भूमि पर पौधारोपण करके अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इस योजना के तहत, लगाए गए प्रत्येक पेड़ पर किसानों को छह डॉलर तक का भुगतान किया जाएगा।
वन विभाग इस पहल के माध्यम से किसानों को पौधारोपण के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है। योजना के अंतर्गत किसान आम, बेल, जामुन, अमरूद, संतरा, नींबू जैसे फलदार वृक्षों के साथ-साथ सागौन, शीशम, पीपल और नीम जैसे उपयोगी वृक्ष भी लगा सकते हैं। ये वृक्ष न केवल पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वायुमंडल को शुद्ध करने में मदद करते हैं, बल्कि कार्बन क्रेडिट अर्जित करने में भी सहायक होते हैं। एक मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण पर एक कार्बन क्रेडिट प्राप्त होता है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलता है।
वन रेंजर देवा, मयंक सिंह के अनुसार, यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि किसान पौधारोपण की तिथि, प्रजाति का नाम, वृक्षों की उम्र और तने की मोटाई जैसी जानकारी अपने पास सुरक्षित रखें। यह जानकारी पांच साल बाद वन विभाग और ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान की टीम द्वारा किए जाने वाले सत्यापन के लिए आवश्यक होगी।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपलब्ध भूमि पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं ताकि वे अधिक कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकें। योजना के अनुसार, प्रत्येक पांच वर्ष में प्रति कार्बन क्रेडिट छह डॉलर का भुगतान किया जाएगा। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम साबित हो सकती है। इस योजना से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि प्रदेश में हरित आवरण भी बढ़ेगा।
