पौड़ी में गुलदार का आतंक: ग्रामीण की मौत, वन कर्मियों को बनाया बंधक
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में वन्यजीवों के बढ़ते हमलों के बीच एक बार फिर दहशत का माहौल है। गुरुवार सुबह जिले के गजल्ड गांव के राजेंद्र नौटियाल (45) की एक गुलदार ने उस समय जान ले ली जब वह घर के पास स्थित मंदिर से पूजा कर लौट रहे थे। यह घटना सुबह करीब 6:30 बजे घटगड़ गदेरे में डाटपुल के समीप हुई, जब घात लगाए गुलदार ने राजेंद्र पर हमला कर दिया।
घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई। राजेंद्र नौटियाल के क्षत-विक्षत शव को देखकर चवथ, गजल्ड, वजली और कफलना गांवों के सैकड़ों ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने तुरंत कुंड-चवथ मोटर मार्ग पर जाम लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका गुस्सा तब और बढ़ गया जब घटना के साढ़े तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीण वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी करने लगे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों और नागदेव रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को एक कमरे में बंद कर दिया। जब स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी के फोन पर भी मुख्यमंत्री कार्यालय और वन मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसके बाद जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया और उप वन संरक्षक (डीएफओ) गढ़वाल अभिमन्यु को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। सुबह सात बजे से शुरू हुआ हंगामा दोपहर दो बजे तक चला।
ग्रामीणों के भारी दबाव और आक्रोश को देखते हुए जिलाधिकारी ने गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही, पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को संविदा के आधार पर नियुक्ति देने का आश्वासन दिया गया।
इस दुखद घटना के मद्देनजर, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए हैं। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि गुलदार प्रभावित क्षेत्रों के तीन संकुलों, ढांडरी (ग्रामीण क्षेत्र), बाड़ा और चरधार में कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों में 6 दिसंबर तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। साथ ही, इन क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 8 दिसंबर तक अवकाश रहेगा।
