पांच महीने से वेतन नहीं, मुजफ्फरपुर की एएनएम जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रही हैं
मुजफ्फरपुर जिले के औरैया पीएचसी में कार्यरत दो दर्जन से अधिक नवनियुक्त सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) पिछले पांच महीने से वेतन न मिलने से बेहद परेशान हैं। लगातार पांच महीने से काम करने के बावजूद जब उन्हें उनका हक नहीं मिला, तो आक्रोशित एएनएम ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, बिहार तकनीकी सेवा आयोग की परीक्षा के आधार पर औरैया सीएचसी में कुल 40 एएनएम की नियुक्ति की गई थी। इनमें से एक बड़ी संख्या में एएनएम को पिछले पांच महीनों से उनका वेतन नहीं मिला है। शुरुआत में, उनकी एचएमआरएस आईडी नहीं बन पाई थी, जिसे लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव से भी संपर्क साधा था। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के बाद भी, वर्तमान में 31 नवनियुक्त एएनएम का एचएमआरएस आईडी अभी तक नहीं बन पाया है, जिसके चलते उनका भुगतान रुका हुआ है।
वेतन न मिलने के कारण एएनएम गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। दूरदराज के इलाकों में टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियानों के दौरान होने वाले खर्चों को वहन करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। इस संबंध में, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. सीएस प्रसाद ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने मामले की जांच कराई है और पीएचसी प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
प्रभारी सिविल सर्जन ने कहा कि पीएचसी प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार, नवनियुक्त एएनएम का वेतन भुगतान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द सभी के खातों में बकाया राशि भी नियमित रूप से भेज दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अगले सप्ताह इस मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और उसके बाद विभाग को पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। डॉ. प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समय पर वेतन मिलना चाहिए और इस देरी को एक गंभीर मामला माना जा रहा है।
