पानीपत की गोशालाओं में क्षमता वृद्धि से देशी गायों को मिलेगा नया जीवन
हरियाणा गोशाला सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने बुधवार को पानीपत जिले की प्रमुख गोशालाओं का दौरा कर गो संरक्षण और गोवंश संवर्धन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। गोहाना रोड स्थित मुख्य गौशाला में आयोजित एक बैठक के दौरान, उन्होंने जिले की सभी पंजीकृत गौशालाओं के प्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
चेयरमैन गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य हरियाणा को बेसहारा गोवंश से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन, गोशालाएं और समाज को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आवारा गोवंश सड़कों पर न दिखें, इसके लिए गोशालाओं को अपनी क्षमता में वृद्धि करनी होगी। इस दिशा में, जिले की पांच गोशालाओं ने 1,300 अतिरिक्त गोवंश को रखने की सहमति जताई है।
उन्होंने बताया कि पानीपत जिले की गोशालाओं के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार ने 2.82 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। वर्ष 2014 से राज्य सरकार नियमित रूप से गोशालाओं को अनुदान प्रदान कर रही है, जिससे देसी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन को नई गति मिली है।
चेयरमैन गर्ग ने गौशाला प्रबंधकों से विशेष रूप से देशी गायों के संवर्धन में सक्रिय रूप से योगदान देने की अपील की। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने शेड की व्यवस्था, पानी की उपलब्धता, चारे की गुणवत्ता और गोवंश के स्वास्थ्य की गहन जांच की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी गाय या नंदी का टीकाकरण कार्य अधूरा न रहे।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक संजय आंतिल ने जानकारी दी कि जिले में कुल 33 पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिनमें लगभग 22,000 गोवंश आश्रय लेते हैं। उन्होंने पुष्टि की कि सभी गोवंश का टीकाकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
चेयरमैन गर्ग ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही ऐसा समय आएगा जब शहरों और गांवों में आवारा गोवंश घूमते हुए दिखाई नहीं देंगे। इस अवसर पर प्रभारी राकेश मलिक, कुलबीर खरब, एसडीओ पशुपालन श्री भगवान, डॉक्टर सुनीता, रविंदर कादयान और दो दर्जन से अधिक गोशाला प्रतिनिधि मौजूद रहे।
