पाकिस्तान में शिया मुसलमानों के नरसंहार पर भारत में आक्रोश, लखनऊ में ‘Pakistan Shia killings’ के खिलाफ प्रदर्शन
लखनऊ में मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद ने पाकिस्तान में शिया मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों और नरसंहार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आसिफी मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार, सेना, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, जनरल आसिम मुनीर के साथ-साथ अमेरिका और इजराइल के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गंभीर मुद्दे को उजागर करता है।
मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि पाकिस्तान में शियों का नरसंहार लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वहां शिया मस्जिदों और इमामबाड़ों को निशाना बनाया जा रहा है, और हजारों शिया युवाओं का अपहरण कर उन्हें गायब कर दिया गया है। उन्होंने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में सरकारी सरपरस्ती में आतंकवाद पनप रहा है, जिसके पीछे वहाबी और तकफीरी गिरोहों का हाथ है।
मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद के महासचिव ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवादी गिरोहों को बढ़ावा दिया है और सरकारी संरक्षण में शिया समुदाय को दबाने और कुचलने का प्रयास किया है। इस तरह के प्रदर्शन भारत में भी पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के प्रति गहरी चिंता दर्शाते हैं। मौलाना हैदर रजा, मौलाना नकी असकरी, मौलाना शबाहत हुसैन, मौलाना फिरोज हुसैन, मौलाना हसन जाफर और मौलाना आदिल फराज नकवी सहित कई अन्य धार्मिक नेता भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
