मथुरा के गोपाल नगर में खारे पानी से हाहाकार, लोगों की सेहत पर पड़ रहा बुरा असर (Mathura news)
मथुरा के गोपाल नगर में रहने वाले लोग इन दिनों खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। यह समस्या इतनी विकट हो चुकी है कि निवासियों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, और उन्हें पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी न केवल खारा है, बल्कि इसमें मिट्टी और बालू भी आती है, जिससे यह किसी भी घरेलू उपयोग के लायक नहीं बचा है।
पानी की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसे पीने से बच्चों में त्वचा रोग और खुजली जैसी समस्याएं हो रही हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, खारे पानी के कारण चाय और दूध तक फट जाता है, और खाना पकाने में भी मुश्किल आती है। मजबूरी में लोगों को सब्जियां धोने और नहाने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी आरओ का पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
समस्या की जड़ चामुंडा मंदिर परिसर में लगा एक पुराना पंप है, जो करीब नौ साल पुराना हो चुका है। यह पंप बार-बार खराब हो जाता है और इसमें मिट्टी भर जाती है, जिससे पूरे इलाके की जलापूर्ति बाधित होती है। निवासियों को अपनी जेब से मिस्त्री बुलाकर पंप ठीक कराना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
निवासियों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि जब शहर के अन्य हिस्सों में गंगाजल की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, तो गोपाल नगर को इससे वंचित क्यों रखा गया है। लोगों ने नगर निगम और जलकल विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पुराने पंप को बदला जाए, शुद्ध पानी की व्यवस्था की जाए और गंगाजल लाइन बिछाई जाए ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
