संभल की स्ट्राबेरी की ऑनलाइन डिमांड बढ़ी, किसानों को मिल रहा अच्छा मुनाफा
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अब किसान पारंपरिक आलू की खेती छोड़कर स्ट्राबेरी की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कम लागत और बेहतर मुनाफे की वजह से यह फल किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिले के लगभग 2.5 हजार एकड़ भूमि पर स्ट्राबेरी की खेती की जा रही है, जिससे किसानों के जीवन में खुशहाली आ रही है।
यहां उगाई गई स्ट्राबेरी अब सिर्फ स्थानीय मंडियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। रायसत्ती, नठेर, कल्याणपुर जैसे इलाकों में स्ट्राबेरी की खेती तेजी से बढ़ रही है।
स्थानीय किसान तनवीर अहमद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 में तीन एकड़ जमीन पर स्ट्राबेरी की खेती शुरू की थी, जो अब बढ़कर दस एकड़ हो गई है। उन्होंने पंतनगर मेले से प्रेरणा लेकर यह खेती शुरू की थी। पहले जहां यह फल केवल ठंडे और पहाड़ी इलाकों में मिलता था, वहीं अब मैदानी इलाकों में भी इसकी खेती सफल हो रही है।
किसानों का कहना है कि हालांकि खाद और कीटनाशकों की लागत बढ़ी है, लेकिन स्ट्राबेरी की बढ़ती मांग और ऑनलाइन बिक्री के कारण मुनाफा अभी भी संतोषजनक है। इस फल की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है, जिससे संभल की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
