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एक कॉल और 26 लाख गायब! बिजली मीटर अपडेट का झांसा देकर साइबर ठगों ने उड़ाई महेंद्र प्रसाद की जीवनभर की कमाई

By Dec 8, 2025

पूर्वी चंपारण के रक्सौल नागा रोड निवासी महेंद्र प्रसाद के साथ एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई है, जिसने उनकी जीवनभर की कमाई को पल भर में स्वाहा कर दिया। साइबर ठगों ने बिजली मीटर अपडेट करने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से 25 लाख 80 हजार रुपये उड़ा लिए। इस घटना के बाद महेंद्र प्रसाद गहरे सदमे में हैं और उनका पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है।

महेंद्र प्रसाद ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके नए बिजली कनेक्शन का एक्टिवेशन लंबित है, जिसे तुरंत अपडेट करना आवश्यक है, अन्यथा बिजली सेवा प्रभावित हो सकती है। बातचीत में वह व्यक्ति सरकारी कर्मचारी जैसा लग रहा था, जिससे महेंद्र को उस पर भरोसा हो गया।

कुछ देर बाद उसी व्यक्ति ने दूसरे नंबर (9939043072) से फोन कर मीटर अपडेट करने की सलाह दी और एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा। उसने दावा किया कि यह एप्लिकेशन बिजली विभाग का अधिकृत ऐप है, जिससे मीटर ऑटोमेटिक एक्टिवेट हो जाएगा। ठग ने व्हाट्सएप पर ‘मीटर अपडेट’ नामक एप्लिकेशन का लिंक भेजा। जब तक एप्लिकेशन इंस्टॉल नहीं हो गया, वह लगातार मोबाइल पर ऑनकॉल रहा। इसके बाद उसने ट्रायल के लिए 100 रुपये का पेमेंट करवाया।

जैसे ही 100 रुपये का पेमेंट हुआ, ठग ने कॉल काट दिया। इसके बाद से महेंद्र के बैंक से लगातार मैसेज आने शुरू हो गए। दो-तीन दिन बाद जब उन्होंने अपने मोबाइल के मैसेज चेक किए, तो उनके होश उड़ गए। आईसीआईसीआई बैंक के उनके अकाउंट से सात बार में कुल 25 लाख 80 हजार 95 रुपये की अवैध निकासी हो चुकी थी।

इस घटना ने महेंद्र प्रसाद को पूरी तरह से तोड़ दिया है। उन्होंने एक-एक पैसा जोड़कर यह राशि बैंक में जमा की थी, ताकि भविष्य में उनके काम आ सके। महेंद्र ने बताया कि यह उनके जीवन भर की बचत थी, जिसे ठगों ने पल भर में उड़ा लिया। आर्थिक और मानसिक रूप से वे पूरी तरह टूट चुके हैं और उनका पूरा परिवार आहत है।

महेंद्र प्रसाद ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और फिर साइबर थाना पहुंचकर प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया। साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। महेंद्र प्रसाद और उनका परिवार अब सिर्फ साइबर पुलिस पर ही भरोसा कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस उनकी जीवनभर की कमाई वापस दिलवा पाएगी।

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