रूसी जहाज में मिले न्यूक्लियर रिएक्टर, North Korea जा रहा था माल? US पर साजिश का आरोप
दिसंबर 2024 में भूमध्य सागर में एक रूसी जहाज के डूबने की घटना को लेकर एक साल बाद सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। स्पेनिश अखबार ला वर्डाड की जांच रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर उत्तर कोरिया के लिए VM-4SG न्यूक्लियर रिएक्टर के केसिंग छिपे हुए थे। यह खुलासा रूस के उन दावों के विपरीत है जिसमें उसने कहा था कि जहाज पर केवल आइसब्रेकर के पुर्जे और खाली कंटेनर थे।
यह घटना 23 दिसंबर 2024 को स्पेन के कार्टाजेना के पास हुई थी, जब जहाज पर एक के बाद एक तीन विस्फोट हुए और वह समुद्र में डूब गया। इस हादसे में 16 क्रू मेंबर्स में से 14 को बचा लिया गया था, जबकि दो लापता हो गए थे। जहाज के हल में 50×50 सेंटीमीटर का एक छेद मिला था। रूस ने इस घटना को अमेरिका द्वारा रची गई साजिश बताया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर दो बड़े नीले कंटेनर थे जिनमें VM-4SG न्यूक्लियर रिएक्टर के केसिंग और संबंधित पुर्जे थे। VM-4SG सोवियत युग का एक उन्नत रिएक्टर है जिसका उपयोग प्रोजेक्ट 667BDRM डेल्टा IV SSBN पनडुब्बियों में किया जाता है। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु प्रसार के नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है।
इस मामले में भारत का नाम भी सामने आया था। शुरुआती जांच में यह कहा गया था कि VM-4SG जैसे रिएक्टर का इस्तेमाल भारत की INS अरिहंत क्लास SSBN पनडुब्बी में होता है। हालांकि, भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि उसका CLWR-B1 रिएक्टर पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
