0

चीन ही नहीं, नेपाल भी भारत के साथ कर रहा ‘खेल’, गंडक नदी में अवैध खनन से बढ़ा खतरा

By Dec 10, 2025

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में स्थित गंडक नदी में नेपाल की ओर से हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए भारतीय वरिष्ठ अधिकारियों ने नेपाल के प्रशासनिक निकायों, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा भारतीय दूतावास को औपचारिक रूप से पत्राचार किया है। इस खनन गतिविधि से गंडक नदी के तटबंधों पर गंभीर जोखिम उत्पन्न हो गया है, जिसे लेकर भारतीय पक्ष ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

उत्तरप्रदेश के सिंचाई विभाग के गंडक सिंचाई कार्य मंडल दो, गोरखपुर के अधीक्षण अभियंता जय प्रकाश सिंह ने केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यदि खनन नहीं रोका गया तो दोनों देशों के तटबंधों की स्थिरता पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। अधिकारियों ने पत्र में लिखा है कि नेपाल के नवलपरासी जिले के सुस्ता गांव पालिका में नदी जन्य पदार्थ के उत्खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया इस खतरे का मुख्य कारण है। नो-मैन्स लैंड तथा तटबंध के नजदीकी क्षेत्रों में खनन की अनुमति दिए जाने से भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे तटबंध के पास बनी सड़क टूट रही है और नदी का बहाव तटबंध की ओर मुड़ने लगा है।

इस मुद्दे को भारत सरकार ने ज्वाइंट कमेटी ऑन इनइंडेशन एंड फ्लड मैनेजमेंट (जेसीआइएफएम) की बैठक में भी औपचारिक रूप से उठाया था, लेकिन नेपाल की ओर से अभी तक आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। गंडक समझौता 1959 के अनुसार भारत सरकार ने नारायणी नदी के दाईं ओर कई महत्वपूर्ण तटबंधों का निर्माण किया था। इन संरचनाओं की बदौलत नेपाल के 84 गांवों की लगभग 68 हजार की जनसंख्या और 21 हजार एक सौ हेक्टेयर कृषि भूमि सुरक्षित है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि गंडक नदी में अनियंत्रित खनन से नदी की धारा का रुख बदल सकता है और वह सीधे तटबंध से टकरा सकती है। इससे तटबंध कमजोर होंगे और नेपाल क्षेत्र में बड़े नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें