दिल्ली की रामलीला में रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, आयोजकों ने दी सफाई | delhi news
दिल्ली के एक प्रमुख रामलीला आयोजन में इस बार परंपरा से हटकर एक नया प्रयोग किया जा रहा है, जो शहर में चर्चा का विषय बन गया है। पीतमपुरा में हर साल होने वाले इस धार्मिक आयोजन में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ-साथ एक विशाल कॉकरोच का पुतला भी दहन किया जाएगा। इस अनोखे कदम के बाद से ही विभिन्न हलकों में बहस छिड़ गई है और लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं।
आयोजन से जुड़ी श्री केशव राम लीला समिति ने इस फैसले का बचाव करते हुए स्पष्ट किया है कि इसका मकसद समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है। समिति के पदाधिकारियों का तर्क है कि कॉकरोच गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक है, इसलिए ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्वच्छ दिल्ली’ अभियानों के समर्थन में यह प्रतीकात्मक संदेश दिया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, इस पुतले को रावण की असुर सेना का हिस्सा दर्शाया जाएगा ताकि बुराई के साथ-साथ गंदगी रूपी दुर्गुण का भी नाश हो सके।
दूसरी ओर, इस फैसले को हाल ही में राजधानी में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जा रहा है। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और आम लोगों ने आपत्ति जताई है कि धार्मिक मंच का उपयोग राजनीतिक या अन्य संदेशों को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना इससे त्योहार की पवित्रता प्रभावित हो सकती है। आलोचकों का मानना है कि पारंपरिक मान्यताओं को इस तरह के प्रयोगों से दूर रखा जाना चाहिए ताकि लोगों की भावनाएं आहत न हों।
त्योहारों के दौरान ऐसे आधुनिक और विवादास्पद प्रयोग समाज में वैचारिक बहस को जन्म देते हैं, जहां एक तरफ स्वच्छता जैसे सामाजिक मुद्दे को बड़े मंच पर उठाने की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक परंपराओं के स्वरूप को लेकर चिंता भी जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस पुतला दहन को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
