दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए एमसीडी का विंटर एक्शन प्लान तैयार | delhi pollution
सर्दियों के दस्तक देते ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर चिंता का विषय बनने लगी है। इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम (MCD) ने इस बार सर्दियों के आने का इंतजार करने के बजाय पहले से ही ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस विंटर एक्शन प्लान का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के दौरान बिगड़ने वाले हालातों से पहले ही प्रदूषण के स्रोतों पर लगाम लगाना है।
सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण
प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक सड़क की धूल है। इसे रोकने के लिए निगम के दायरे में आने वाली लगभग 6,127 किलोमीटर लंबी सड़कों पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। करीब 57 हजार सफाई कर्मियों द्वारा नियमित सफाई के साथ-साथ सड़कों के गड्ढों की मरम्मत भी की जा रही है ताकि वाहनों की आवाजाही से धूल कम से कम उड़े। इसके अलावा मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों, वाटर स्प्रिंकलर और मोबाइल एंटी-स्मॉग गन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
हॉटस्पॉट की निगरानी और हरित क्षेत्र का विस्तार
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा चिन्हित 46 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके लिए संयुक्त प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया है जो कचरा जलाने, अवैध निर्माण और धूल नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करेंगी। वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रयासों के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया गया है, जिससे शहर का हरित क्षेत्र बढ़ सके। इस प्रकार के निरंतर प्रयासों से आम नागरिकों को जहरीली हवा से राहत मिलने की उम्मीद है।
