जी7 देशों ने आपातकालीन रिजर्व से 10 करोड़ बैरल तेल और डीजल जारी करने का किया फैसला | international news
वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जारी उठापटक के बीच जी7 देशों ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने आपातकालीन रिजर्व से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत सभी प्रमुख देश आपसी तालमेल के साथ ईंधन की आपूर्ति को सुनिश्चित करेंगे और ऊर्जा निर्यात पर किसी भी तरह का प्रतिबंध न लगाने पर भी सहमत हुए हैं।
यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन की ओर से बनाए गए कूटनीतिक दबाव का परिणाम बताया जा रहा है। अमेरिका चाहता था कि यूरोपीय संघ और अन्य सहयोगी देश अपने रणनीतिक तेल भंडार से आपूर्ति बढ़ाएं ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। चेतावनी दी गई थी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो निर्यात संबंधी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे यूरोपीय देशों को आर्थिक मोर्चे पर भारी असर झेलना पड़ सकता था क्योंकि वे अमेरिकी ईंधन पर अपनी निर्भरता बढ़ा चुके हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के नेतृत्व में आपातकालीन भंडार से भारी मात्रा में तेल जारी करने के समझौते किए जा चुके हैं। हालांकि, इस नए फैसले से वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है।
