महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर | maharashtra politics news
महाराष्ट्र में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट और इसकी कोल्हापुर सर्किट बेंच में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाने में बरती गई अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं (maharashtra politics news)।
कोल्हापुर बेंच में दायर पहली याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ प्रशासनिक आदेशों को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस प्रक्रिया के दौरान तय नियमों और कानूनी प्रावधानों की अनदेखी की गई है। वहीं, दूसरी याचिका मुंबई प्रिंसिपल बेंच में दाखिल की गई है, जिसमें घर-घर जाकर सत्यापन करने के तरीकों पर आपत्ति जताई गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जो मतदाता अपने घरों पर नहीं मिले, उन्हें बिना किसी उचित सुनवाई या लिखित आदेश के ही मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में डाल दिया गया है।
याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य आगामी चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कानून का पूरी तरह से पालन हो। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए और तब तक इस प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इस तरह के विवादों से आम जनता के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चिंता बढ़ जाती है, क्योंकि निष्पक्ष चुनाव ही किसी भी लोकतंत्र का आधार होते हैं। दोनों याचिकाओं पर अगले सप्ताह तक सुनवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है।
