संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एआई के बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त, वैश्विक नियंत्रण की उठी मांग | international news
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आयोजित उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अनियंत्रित विस्तार को लेकर वैश्विक स्तर पर गहरी चिंता जताई गई है [international news]। दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि इस तकनीक की रफ़्तार को नियमबद्ध नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इसके परिणाम बेहद विनाशकारी साबित हो सकते हैं। आधुनिक तकनीक का यह दौर मानव सभ्यता के लिए एक नए और अदृश्य संकट की आहट दे रहा है।
एन्थ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उचित प्रबंधन के अभाव में यह तकनीक पूरी मानवता के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है। वहीं, ओपनएआई के प्रमुख ने भी इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य में इंसानों का नियंत्रण इस तकनीक पर से पूरी तरह समाप्त हो सकता है। तकनीकी दिग्गजों ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि वैश्विक स्तर पर कड़े सुरक्षा मानक तय किए जाएं ताकि इस संभावित आपदा से निपटा जा सके।
इस मसले पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी मतभेद साफ तौर पर उभरकर सामने आए हैं। ब्रिटिश प्रतिनिधियों ने घोषणा की है कि आगामी जी-20 बैठकों में एआई नियंत्रण को मुख्य एजेंडा बनाया जाएगा। हालांकि, अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर किसी भी तरह के नियंत्रण ढांचे को अपनाने से फिलहाल इनकार कर दिया है, जबकि चीन ने तकनीक के नाम पर गुटबाजी न करने की चेतावनी दी है। युद्ध के मैदानों में ऑटोनॉमस हथियारों और ‘किलर रोबोट्स’ के इस्तेमाल ने इस बहस को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
