अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर लगाया 100% टैरिफ, भारत पर भी असर | world news
अमेरिका ने रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों के खिलाफ सख्त आर्थिक कदम उठाते हुए एक नए कानून को हरी झंडी दे दी है। इस कदम के तहत भारत समेत पांच प्रमुख देशों को निशाना बनाया गया है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल पर निर्भर हैं। इस नीति का उद्देश्य रूस के वित्तीय संसाधनों को सीमित करना है, लेकिन इसका सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
भारत अपनी कुल ऊर्जा आवश्यकता का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रूस से आयात करता है। यदि अमेरिका इस टैरिफ को सख्ती से लागू करता है, तो भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिससे वस्त्र, रसायन और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात में गिरावट आ सकती है। दूसरी ओर, यदि भारत वैकल्पिक स्रोतों का रुख करता है, तो घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम बढ़ने का जोखिम भी पैदा हो सकता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं, और किसी भी बाहरी दबाव के आगे इनसे समझौता नहीं किया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस कानून से वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और विकासशील देशों पर सामरिक दबाव बढ़ सकता है।
