कानपुर में शिक्षक समस्याओं पर चर्चा, MLC पाठक ने up politics news के तहत डिप्टी सीएम के सामने रखी मांगें
कानपुर के विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक ने लखनऊ में शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न वर्गों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों के हितों से जुड़े मामलों पर विस्तार से मंथन किया गया। यह बैठक शिक्षकों के लंबे समय से लंबित प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों के समाधान की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
बैठक के दौरान एमएलसी ने मांग रखी कि माध्यमिक विद्यालयों में सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 के बीच नियुक्त और बाद में विनियमित हुए तदर्थ शिक्षकों की पिछली सेवाओं को जोड़ते हुए उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। इसके अलावा, राज्य के शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष टीईटी परीक्षा में उन्हें शामिल करने और उनकी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाकर 62 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इन प्रशासनिक निर्णयों से प्रदेशभर के हजारों शिक्षक परिवारों के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और उनकी लंबे समय की आर्थिक अनिश्चितता दूर हो सकेगी।
समीक्षा बैठक में स्थानांतरण नीति और शिक्षकों की सेवा शर्तों से जुड़े अन्य विषयों पर भी व्यापक एवं सार्थक चर्चा हुई। शासन स्तर पर इन मुद्दों पर विचार किए जाने से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही सकारात्मक आदेश जारी किए जा सकते हैं। इस प्रकार के नीतिगत बदलावों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ शिक्षकों का मनोबल भी ऊंचा रहने की उम्मीद है।
