Lucknow News: कागजों में सड़क निर्माण का भुगतान, जमीन पर तलाश रहे रास्ता
लखनऊ जिले के मोहनलालगंज अंतर्गत कुबहरा गांव में विकास कार्यों के दावों की पोल खुल गई है। ग्रामीण लंबे समय से कमलापुर-विचिलखा माइनर से कुबहरा तक पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें आवागमन में राहत मिल सके। इस प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्कूली बच्चों की आवाजाही पर पड़ रहा है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में सामुदायिक मिलन केंद्र पर पिछले 20 दिनों से सैकड़ों किसान धरने पर बैठे हैं। सोमवार को जब जिला पंचायत की अवर अभियंता मधु ने धरनास्थल पर पहुंचकर 390 मीटर कच्चे मार्ग की पैमाइश की, तो जांच में हैरान करने वाला सच सामने आया। विभागीय फाइलों के अनुसार वर्ष 2018 में ही इस डामरीकृत सड़क के निर्माण का पूरा भुगतान किया जा चुका है, जबकि धरातल पर सड़क का नामोनिशान तक नहीं है।
प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच हुई बैठकों में अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता से भी मुलाकात कर चुका है। सुनवाई न होने से नाराज संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो 9 सितंबर को सैकड़ों किसान उग्र प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव करेंगे। इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
