आगरा में उटंगन नदी का उफान, agra news के तहत 50 से अधिक गांवों का संपर्क कटा
चंबल नदी से लगातार छोड़े जा रहे पानी का असर अब सहायक नदियों पर भी साफ दिखने लगा है, जिससे आगरा के ग्रामीण अंचल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उटंगन नदी में अचानक आए उफान से फतेहाबाद और बाह तहसील के बीच की राह पूरी तरह बाधित हो गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रमुख टोडा पुल जलमग्न हो चुका है, जिसके चलते दोनों तहसीलों के करीब पचास से अधिक गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है।
इस भौगोलिक अलगाव के कारण रोजमर्रा के कामकाज, स्कूली बच्चों और बाजार आने-जाने वाले आम नागरिकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। अब ग्रामीणों को पिनाहट के रास्ते लगभग तीस किलोमीटर का लंबा सफर तय करके गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवागमन ठप होने से व्यापार और आपातकालीन सेवाओं पर भी विपरीत असर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय विकास की गति धीमी होने की आशंका है।
आवागमन की बाधा के साथ-साथ इस जलभराव ने किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। नदी के किनारे बसे खेतों में पानी भर जाने से वहां खड़ी फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पानी में डूबने से उन्हें भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लेखपालों को तैनात कर दिया गया है ताकि जलमग्न हुई फसलों का त्वरित सर्वे कराया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर गहरी नजर बनाए रखी है और कंट्रोल रूम को लगातार अपडेट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई बारिश के चलते चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है, हालांकि अब चंबल का पानी घटने लगा है लेकिन उटंगन का बढ़ता जलस्तर अभी भी खतरे का संकेत दे रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
