लखनऊ के अस्पताल में छह महीने की मासूम की मौत, agra news जैसे मामलों में बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के खुर्दही बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में पिछले छह महीने से जिंदगी की जंग लड़ रही छह माह की एक बच्ची की रविवार को मौत हो गई। इस दुखद घटना ने समाज में माता-पिता की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे agra news और अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र की रहने वाली सुमिता के घर छह महीने पहले इस बच्ची का जन्म हुआ था। जन्म के महज तीन दिन बाद ही नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसके पिता ठाकुर गौरी ने उसे खुर्दही बाजार स्थित एएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत इलाज के लिए एडमिट कर लिया। इसके बाद से वह लगातार छह महीनों तक अस्पताल के बिस्तर पर ही रही और डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चलता रहा।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, पिछले करीब दस दिनों से बच्ची के परिजन उससे मिलने नहीं आए थे और उसे अस्पताल में ही अकेला छोड़कर अपने पैतृक गांव लौट गए थे। इसके बावजूद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने बच्ची के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी। रविवार को अचानक बच्ची की तबीयत फिर से बेहद गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत परिजनों को फोन पर इसकी सूचना देने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी कॉल रिसीव नहीं की।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से संपर्क साधने के कई प्रयास किए, लेकिन सभी नंबर बंद या अनुत्तरित मिले। इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि बच्ची के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर परिजन नहीं पहुंचते हैं, तो पुलिस नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए लावारिस में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करेगी। इस प्रकार की घटनाएं समाज के नैतिक ताने-बाने पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
