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लखीसराय में कृषि ड्रोन से बढ़ेगा किसानों का मुनाफा, लागत में आएगी कमी: Lakhisarai drone farming

By Jan 6, 2026

लखीसराय जिले के किसानों के लिए आधुनिक खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ‘कृषि ड्रोन छिड़काव योजना’ के तहत ड्रोन तकनीक का उपयोग कर फसलों पर उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे किसानों का मुनाफा बढ़ने और उत्पादन लागत कम होने की उम्मीद है। यह पहल किसानों को कम समय और कम लागत में प्रभावी कृषि समाधान प्रदान कर रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

सरकार विज्ञानी खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस योजना को लागू कर रही है। कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में 1,050 एकड़ रबी फसलों पर ड्रोन के माध्यम से छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस तकनीक से कीटनाशक, खरपतवारनाशी, फफूंदनाशी के साथ-साथ तरल उर्वरक का सटीक छिड़काव संभव हो रहा है। Lakhisarai drone farming पहल से कृषि क्षेत्र में दक्षता बढ़ रही है।

ड्रोन से छिड़काव पर प्रति एकड़ 419 रुपये की लागत आती है, जिसमें किसानों को 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इसका मतलब है कि किसानों को प्रति एकड़ केवल 209.50 रुपये खर्च करने होंगे। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ भूमि में दो बार इस योजना का लाभ ले सकता है। इस तकनीक से पारंपरिक तरीकों की तुलना में 50 से 60 गुना तेजी से काम होता है, जिससे समय और मजदूरी दोनों की बचत होती है। इसके अलावा, ड्रोन के उपयोग से 90 प्रतिशत तक पानी और लगभग 40 प्रतिशत उर्वरक व कीटनाशक की बचत होती है, जो मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायक है।

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अब तक जिले के 29 किसानों ने लगभग 250 एकड़ भूमि में ड्रोन से छिड़काव के लिए आवेदन किया है, जिनमें सूर्यगढ़ा और बड़हिया प्रखंड के किसान प्रमुख हैं। ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, एनपीके और अन्य पोषक तत्वों का समान एवं सटीक छिड़काव संभव है, जिससे फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह तकनीक लखीसराय के कृषि परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।

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