कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में नई खामी: पुल के ज्वाइंट में पड़ीं लंबी दरारें, UP की चिंता बढ़ी
उत्तर प्रदेश में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 55.4 पर स्थित एक पुल के ज्वाइंट वाले हिस्से में लंबी और गहरी दरारें सामने आई हैं। यह दरारें सड़क के किनारे कंक्रीट वाले हिस्से से होकर गुजर रही हैं और कुछ स्थानों पर एक इंच तक चौड़ी हैं। दरार के आसपास की सतह भी उखड़ गई है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
यह नई खामी एक्सप्रेसवे पर पहले से सामने आ रही समस्याओं, जैसे सड़क धंसना, तारकोल उखड़ना और क्रैश बैरियर का दरकना, के अतिरिक्त है। यातायात के लिए खोले जाने के मात्र एक महीने के भीतर ही एक्सप्रेसवे पर लगभग 15 जगहों पर सड़क धंसने और 24 स्थानों पर स्लिपेज की शिकायतें आ चुकी हैं। उन्नाव में सड़क की ऊपरी परत में स्लिपेज की घटना और बारिश के दौरान पानी के रिसाव ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह पैदा किया है।
लगभग 63 किलोमीटर लंबा और 4200 करोड़ रुपये की लागत वाला यह एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं और तेज यातायात के लिए बनाया गया था। शुरुआती दौर में ही इस तरह की खामियां सामने आना चिंता का विषय है। पुल पर मिली दरारों की जांच अविलंब होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि यह सतही है या संरचनात्मक। पुल निर्माण से जुड़े इंजीनियरों का कहना है कि तत्काल जांच और सुधार आवश्यक है।
भविष्य में एक और लेन बढ़ाए जाने के लिए छोड़े गए ग्रीन फील्ड हिस्से को भी पक्का किया जाएगा ताकि बारिश का पानी सड़क की निचली मिट्टी तक न पहुंचे। एक्सप्रेसवे के निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण के अभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
