मुजफ्फरपुर नगर निगम की लापरवाही: दूषित पेयजल आपूर्ति, इंदौर जैसी त्रासदी का खतरा
मुजफ्फरपुर नगर निगम की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था गंभीर लापरवाही के चलते सवालों के घेरे में है। शहर की जलापूर्ति पाइपलाइनों में हो रहे लीकेज की मरम्मत में सुस्ती के कारण लोगों के घरों तक गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है। यह स्थिति इंदौर में हुई दूषित पेयजल त्रासदी की याद दिलाती है, लेकिन नगर निगम प्रशासन शिकायतों पर संज्ञान लेने के बजाय जिम्मेदारी से बच रहा है।
नगर निगम की जलकार्य शाखा और पाइपलाइन लगाने वाले संवेदक लीकेज की मरम्मत को लेकर एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जो दूषित पानी का उपयोग करने को बाध्य हैं। वार्ड-27 के शिवपुर लेन नंबर तीन में पांच दिनों से पाइपलाइन में लीकेज है, जिसकी शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं हुई है। पार्षद भी अपने वार्ड में काम कराने में असमर्थ दिख रहे हैं।
नल जल योजना के तहत पाइपलाइन और पंप लगाने वाली एजेंसियों को पांच साल तक मरम्मत की जिम्मेदारी निभानी है। हालांकि, अधिकांश संवेदक अपनी जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं। इसके चलते नगर निगम के जलकार्य शाखा को खुद मरम्मत का काम करना पड़ रहा है। कई जगहों पर नाले के पास से गुजर रही पाइपलाइनों में लीकेज हैं, जिनकी मरम्मत नहीं हो रही है।
जल कार्य शाखा के प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रखरखाव और लीकेज मरम्मत में लापरवाही बरतने वाले दो दर्जन संवेदकों को नोटिस भेजा गया है, लेकिन वे संज्ञान नहीं ले रहे हैं। इस लापरवाही से लोगों में भारी नाराजगी है। महापौर निर्मला देवी ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
