इंद्रपुरी के वाशिंदे कब तक सहेंगे बदहाली? जर्जर सड़कों और जलभराव से त्रस्त
इंद्रपुरी कॉलोनी में सुविधाओं के नाम पर सिर्फ बदहाली का आलम है। कॉलोनी के निवासी इन दिनों कच्ची, जर्जर और गड्ढेयुक्त सड़कों, जल निकासी की गंभीर समस्या और खुले पड़े बिजली के बक्सों के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से इन समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उनकी पीड़ा पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
कॉलोनी की सड़कों की हालत बेहद खराब है। सड़कों पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। आए दिन लोग इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। खासकर बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़कों पर जमा होने वाला भारी जलभराव इन गड्ढों को छुपा देता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कई बार बारिश के दौरान कच्चे रास्तों पर चलते हुए उनके पैर फिसल जाते हैं और वे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कीचड़ और गंदगी के कारण कॉलोनी में निकलना दूभर हो गया है।
जल निकासी की व्यवस्था का पूरी तरह अभाव कॉलोनीवासियों के लिए एक और बड़ी मुसीबत है। नालियों के न होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे गंदगी और बदबू का माहौल बना रहता है। कई बार तो लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी मंतोलाल ने बताया, “बारिश में यहां की स्थिति बेहद खराब हो जाती है, पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है।” मंगलसिंह ने कहा, “तमाम बार अधिकारियों से शिकायत के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।”
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिया जाए और जल्द से जल्द सड़कों, नालियों का निर्माण कराया जाए तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें इस बदहाली से निजात मिल सके। लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शासन प्रशासन को उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। कन्हैया ने बताया कि बरसात के मौसम में यहां से गुजरना बेहद मुश्किल भरा रहता है, खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं और वृद्धों को भारी परेशानी होती है। राकेश ने कहा कि चोक पड़ी नालियों के कारण उनके घरों के बाहर गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे बदबू और गंदगी से निकलना मुश्किल हो गया है।
