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इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान: IROPS नियमों और पायलट ट्रेनिंग की कमी बनी वजह

By Dec 6, 2025

पिछले कुछ दिनों से इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में लगातार आ रही बाधाओं ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, इस समस्या का मूल कारण इर्रेगुलर ऑपरेशंस (IROPS) से संबंधित नए और सख्त नियमों का लागू होना है। 1 दिसंबर से पूरे देश में इन नियमों के लागू होने के बाद, एयरलाइन को अपने रोस्टर (ड्यूटी चार्ट) को समय पर अपडेट करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नियमों का पालन करते हुए क्रू की कमी उत्पन्न हो गई।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के तहत, घने कोहरे वाले क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य है। केवल वे पायलट और सह-पायलट ही विमान उड़ा सकते हैं जिन्होंने घने कोहरे में लैंडिंग और टेकऑफ के लिए आवश्यक CAT 2 और CAT 3 जैसी विशेष ट्रेनिंग प्राप्त की हो। यह सुनिश्चित करता है कि दोनों पायलट प्रशिक्षित हों, और किसी भी अप्रशिक्षित पायलट के होने पर फ्लाइट का संचालन नहीं किया जा सकता। यह नियम सुरक्षित हवाई यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां कोहरे के कारण देरी, उड़ान रद्द होना या डायवर्जन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह नियम उन शहरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां सुबह और देर रात में घना कोहरा एक आम समस्या है।

इंडिगो के लगभग 70% पायलट आवश्यक CAT 2 और CAT 3 ट्रेनिंग में प्रशिक्षित हैं। हालांकि, IROPS नियमों के लागू होने के बाद, एयरलाइन को अपने रोस्टर में महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता पड़ी। बिना ट्रेनिंग वाले पायलटों को उन क्षेत्रों में भेजने की योजना बनाई गई जहां कोहरे का असर कम हो। लेकिन 1 दिसंबर को IROPS के लागू होने के साथ ही, प्रशिक्षित पायलटों की उपलब्धता में अचानक कमी देखी गई, जिससे उड़ानों के संचालन पर सीधा असर पड़ा। इस स्थिति के कारण श्रीनगर में इंडिगो की 18 में से 10 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, और जम्मू के लिए चार उड़ानों पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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