12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल: 10 यूनियनों का बिजली संशोधन बिल के खिलाफ ऐलान
दस प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मुख्य कारण बिजली कंपनियों का निजीकरण, नई श्रम संहिताएं और विद्युत संशोधन बिल का मसौदा है, जिन पर यूनियनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इन यूनियनों में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, सीसीटीयू, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी जैसे प्रमुख संगठन शामिल हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने स्पष्ट किया कि सभी ट्रेड यूनियन इस बात पर सहमत हैं कि विद्युत संशोधन बिल का मसौदा आम उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों के हितों के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह बिल संसद से पारित हो जाता है, तो इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम होंगे, जो ऊर्जा क्षेत्र को पूरी तरह से तबाह कर सकते हैं।
इस विरोध के क्रम में, यूनियनों ने 16 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले देश भर में प्रतिरोध दिवस मनाने का भी निर्णय लिया है। यह कदम विद्युत संशोधन बिल और बीज बिल के खिलाफ एक व्यापक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है।
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