0

आनंदपुर साहिब में सर्व धर्म सम्मेलन: गुरु तेग बहादुर की शहादत को दुनिया ने किया नमन

By Nov 24, 2025

पंजाब की पावन भूमि आनंदपुर साहिब ने रविवार को इतिहास का एक ऐसा पन्ना लिखा, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सकेगा। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में दुनिया भर के विभिन्न धर्मों और मजहबों के प्रमुख धार्मिक नेता एक मंच पर एकत्रित हुए। इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्देश्य ‘हिन्द दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के उस अद्वितीय बलिदान को नमन करना था, जिन्होंने अपने से भिन्न धर्म के अनुयायियों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

इस सम्मेलन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी शिरकत की। दोनों नेताओं के साथ-साथ विश्वभर से पधारे धर्मगुरुओं ने गुरु तेग बहादुर जी के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की। केजरीवाल ने अपने संबोधन में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की विशिष्टता को रेखांकित करते हुए कहा कि इतिहास में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता जब किसी ने किसी दूसरे धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया हो। उन्होंने कहा कि जहाँ अनेकों ने अपने धर्म या विश्वास के लिए जानें दी हैं, वहीं गुरु तेग बहादुर जी ने दूसरों के धर्म की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह कार्य न केवल उन्हें महान बनाता है, बल्कि यह दर्शाता है कि हम सब एक हैं और सभी धर्म सर्वोपरि हैं।

केजरीवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि दुनिया भर के धार्मिक नेता गुरु साहिब को श्रद्धांजलि देने के लिए पंजाब सरकार के साथ इस पवित्र भूमि पर एकत्र हुए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंजाब सरकार उन 142 गांवों का कायाकल्प कर रही है, जिन्हें गुरु साहिब के चरणों ने पवित्र किया था। सरकार इन गांवों के विकास के लिए धनराशि आवंटित कर रही है, ताकि जहाँ-जहाँ गुरु साहिब के चरण पड़े, वहाँ खुशहाली और समृद्धि आए। यह पहल केवल विकास की योजना नहीं, बल्कि गुरु साहिब की स्मृतियों को जीवित रखने का एक तरीका है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब सरकार सदैव सभी धर्मों का सम्मान करने और प्रदेश में शांति, भाईचारा और सद्भावना बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब वह पावन धरती है जहाँ महान गुरुओं, संतों, फकीरों और शहीदों ने जन्म लिया। इस सर्व धर्म सम्मेलन का मूल उद्देश्य ‘सरबत दा भला’ यानी सबकी भलाई का संदेश देना था, जैसा कि सिख गुरुओं ने हमें सिखाया है। इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में एकता और समरसता का भाव भी मजबूत करते हैं।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

पंजाब विधानसभा सत्र से कांग्रेस का वॉकआउट, स्पीकर पर लगा पक्षपात का आरोप

श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसका मुख्य कारण भुलत्थ से कांग्रेस विधायक...
By Nov 24, 2025

साझा करें