उन्नाव में ओवरलोडिंग का खुलासा: ARTO के चार हमराही सिपाही निलंबित, राजस्व और सड़क सुरक्षा पर सवाल
कानपुर एसटीएफ द्वारा की गई जांच में उन्नाव में ओवरलोडिंग वाहनों को जिले की सीमा से पार कराने के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। इस खेल में संलिप्त पाए जाने पर परिवहन विभाग के चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, ये सिपाही ओवरलोड वाहनों के मालिकों से मोटी रकम वसूलते थे और इस वसूली का एक हिस्सा संबंधित ARTO अधिकारियों तक पहुंचाते थे।
जांच में यह बात सामने आई है कि ये सिपाही सिंडिकेट के सदस्यों को अपने अधिकारियों की लोकेशन बताकर ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित रूप से निकालने में मदद करते थे। यह गोरखधंधा लगभग दो वर्षों से चल रहा था, जिसके तहत सैकड़ों ओवरलोड ट्रक और डंपर जिले की सीमा पार करा चुके हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से दो ARTO अधिकारी और एक पीटीओ (परिवहन अधिकारी) छुट्टी पर चले गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के मालिकों ने कबूल किया है कि उन्होंने गिट्टी, मौरंग और बालू लदे ओवरलोड वाहनों को जिले की सीमा से पार कराने के लिए सिपाहियों को मोटी रकम दी थी। यह राशि सिपाहियों के साथ-साथ परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों तक भी पहुंचाई जाती थी।
परिवहन निदेशालय ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए सिपाहियों प्रदीप, रंजीत और सुरेंद्र को निलंबित कर दिया है। वहीं, एक अन्य सिपाही के निलंबन की भी पुष्टि हुई है। इन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण प्रवर्तन का कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे सड़कों पर अनफिट और ओवरलोड वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं।
ARTO प्रशासन श्वेता वर्मा ने बताया कि अधिकारियों के छुट्टी पर होने से न केवल सड़कों पर अराजकता बढ़ी है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है। प्रवर्तन कार्य के बाधित होने से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। इस पूरे मामले की आगे की जांच जारी है और इसमें और भी अधिकारियों के फंसने की आशंका जताई जा रही है।
