उन्नाव: 2.60 लाख किसानों को नहीं मिलेगा पीएम सम्मान निधि का लाभ
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के लगभग 2.60 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन और फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इन किसानों को आर्थिक सहायता से वंचित होना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब उन्हीं किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिन्होंने अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा रखी है।
जिले के किसानों में अपनी खेतिहर भूमि से जुड़े दस्तावेजों की फार्मर रजिस्ट्री कराने को लेकर गंभीर लापरवाही देखी जा रही है। महीनों से चल रही इस कवायद और शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद काम में अपेक्षित गति नहीं आ पाई है। जिला इस मामले में प्रदेश में 64वें स्थान पर था और अब पांच पायदान खिसक कर 65वीं स्थिति पर पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक है।
कृषि और राजस्व विभाग के कर्मियों को लगाने के बाद भी जिले में केवल 50.98 प्रतिशत किसानों ने ही अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उन्नाव में कुल पांच लाख 54 हजार 998 किसान दर्ज हैं, जिनमें से पांच लाख 35 हजार 627 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं। इनमें से अब तक सिर्फ दो लाख 73 हजार 080 किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है। यह दर्शाता है कि अधिकांश किसानों ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के महत्व को नहीं समझा है।
जिले में अभी भी 2.60 लाख किसान ऐसे हैं जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। यदि शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाता है, तो इन सभी किसानों को अपनी लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वे सरकार की विभिन्न किसान-उन्मुख योजनाओं से वंचित हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 28 हजार 687 किसान ऐसे भी हैं जो पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से बाहर हैं, और उन्हें भी रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल करने का लक्ष्य है।
जिले की धीमी प्रगति और प्रदेश में लगातार गिरती रैंकिंग को देखते हुए, जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कृषि और राजस्व विभाग को फार्मर रजिस्ट्री का काम शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने प्रक्रिया में शामिल होने के बावजूद अभी तक स्वीकृति न मिलने वाले 11 हजार 494 किसानों की स्वीकृति प्रक्रिया जल्द पूरी करने के भी निर्देश दिए हैं।
