ऑनलाइन निवेश के जाल में फंसे, 10 लाख गंवाए: फिरोजाबाद में दो पर FIR दर्ज
फिरोजाबाद में ऑनलाइन निवेश के माध्यम से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अत्यधिक लाभ कमाने के लालच में आकर एक व्यक्ति ने अपनी गाढ़ी कमाई ऑनलाइन निवेश कर दी, लेकिन ठगों ने उसे न केवल पैसे वापस नहीं लौटाए, बल्कि और अधिक पैसे ऐंठने की कोशिश की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, मुहल्ला शेख लतीफ निवासी तनवीर अहमद को कुछ समय पहले एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया था। इसके जरिए उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में खरीद-फरोख्त और मुनाफे के झूठे प्रमाण दिखाकर लोगों को निवेश के लिए लुभाया जा रहा था। धीरे-धीरे पीड़ित को एक दूसरे ग्रुप और फिर कस्टमर केयर के नाम से तीसरे ग्रुप में शामिल कर लिया गया।
ठगों ने पीड़ित से एक मोबाइल ऐप के माध्यम से उसका आधार कार्ड स्कैन करवाकर फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद, उन्हें विभिन्न बैंक खातों में कई बार पैसे जमा कराने के लिए कहा गया। पीड़ित ने लालच में आकर बताई गई रकम जमा कर दी। शुरुआत में, उन्हें ऑनलाइन ऐप पर फर्जी तरीके से लाभ दिखाया गया, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया।
इसके बाद, ठगों ने पीड़ित को नकली आईपीओ सब्सक्राइब करने के लिए प्रेरित किया। जैसे ही उन्होंने आईपीओ सब्सक्राइब किया, उन्हें 52 लाख रुपये के फर्जी आवंटन का स्क्रीनशॉट दिखाया गया, जिसका भुगतान करना उनके लिए असंभव था। जब पीड़ित ने असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने कहा कि पूरा आईपीओ खरीदना अनिवार्य है और इसे न तो रद्द किया जा सकता है और न ही किसी अन्य को ट्रांसफर किया जा सकता है।
भुगतान न करने पर, आरोपियों ने पीड़ित को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन हटाने और शेयर को किसी चैरिटी को दे देने की धमकी दी। इस पूरी घटना से परेशान होकर पीड़ित ने रसूलपुर थाने में अदिविका शर्मा और राकेश जैन नाम के दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले की शिकायत ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर भी की गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश और धोखाधड़ी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
