ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में पंचायत सचिवों ने काली पट्टी बांधकर किया धरना प्रदर्शन
ब्लॉक मुख्यालय पर शुक्रवार को ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में काली पट्टी बांधकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) की अनुपस्थिति में एडीओ पंचायत नवेश कुमार सुमन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस नई प्रणाली को अव्यवहारिक बताया गया है।
धरने में शामिल सचिव चौधरी ब्रजमोहन सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पंचायत सचिवों का कार्यक्षेत्र पूरी तरह से फील्ड आधारित है। ऐसे में, कार्यालय-आधारित ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि एक सचिव पर औसतन 4 से 5 ग्राम पंचायतों का प्रभार होता है। इस स्थिति में, किसी एक निश्चित स्थान पर समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करना संभव नहीं हो पाता है।
ग्राम विकास अधिकारी योगेश शर्मा ने इस मुद्दे पर कहा कि पंचायत स्तर पर सचिवों के अलावा लेखपाल, अध्यापक, तकनीकी कृषि सहायक, गन्ना एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी भी कार्यरत हैं। इन सभी के कार्यक्षेत्र भी सीमित हैं, इसलिए यदि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की जानी है, तो यह सभी के लिए समान रूप से लागू होनी चाहिए।
ग्राम विकास अधिकारी सगीर अहमद ने सरकार पर तानाशाह रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ऑनलाइन हाजिरी का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी हरपाल सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश वापस नहीं लिया, तो प्रदेश स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल दिलीप शर्मा ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो सभी पंचायत सचिव अपने डिजिटल हस्ताक्षर वाले डोंगल ब्लॉक पर जमा कर देंगे और वाहनों का प्रयोग भी बंद कर देंगे। इस धरने में ग्राम विकास अधिकारी गोपाल प्रसाद, राजेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी रविंद्र कुमार वशिष्ठ, वीरेश शर्मा, नेत्रपाल सिंह सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
