नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: होल्डिंग टैक्स बकायेदारों को ब्याज और जुर्माने से मिली मुक्ति
बिहार सरकार ने अपने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए होल्डिंग टैक्स के बकायेदारों के लिए एक विशेष योजना लागू की है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अधिसूचित ‘बिहार नगर पालिका संपत्ति कर प्रोत्साहन ब्याज एवं जुर्माना में छूट योजना 2025’ के तहत, संपत्ति कर पर लगने वाले ब्याज और जुर्माने को माफ कर दिया गया है। यह योजना आगामी 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिससे लंबे समय से टैक्स जमा न कर पाने वाले लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को प्रोत्साहित करना है जो विभिन्न कारणों से अपना होल्डिंग टैक्स समय पर जमा नहीं कर पाए थे। अब वे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के, केवल मूल बकाया राशि का भुगतान कर अपने संपत्ति कर खातों को नियमित कर सकते हैं। यह कदम शहरी स्थानीय निकायों के राजस्व को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
कई शहरों में, जैसे लखीसराय, नगर निकायों द्वारा इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। कार्यपालक पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी चौराहों पर होर्डिंग लगवाकर और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से नागरिकों को इस लाभकारी योजना से अवगत करा रहे हैं। लखीसराय नगर परिषद क्षेत्र में, जहां वर्ष 2006 में पहली बार होल्डिंग सर्वे हुआ था और 20,000 से अधिक होल्डिंग धारी चिह्नित किए गए थे, होल्डिंग टैक्स की वसूली लंबे समय से एक चुनौती रही है। ऐसे में, यह छूट योजना बकायेदारों को आगे आने के लिए प्रेरित करेगी।
सूत्रों के अनुसार, लखीसराय जैसे शहरों में आज भी डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकायेदारों के पास वर्षों से बकाया है। तीन से चार हजार ऐसे होल्डिंग धारी हैं जिन्होंने वर्ष 2006 से अबतक एक बार भी टैक्स जमा नहीं किया है। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए, नगर निकायों ने होल्डिंग टैक्स की वसूली प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक कुशल बनाने के प्रयास किए हैं। स्पेरो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपने से व्यवस्था में बदलाव आया है और राजस्व संग्रह में वृद्धि देखी गई है। चालू वर्ष में ही 90 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
योजना के तहत, बकायेदारों की सूची बनाकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर इस छूट का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परियोजना प्रभारी ने बताया कि विभाग द्वारा अगले 31 मार्च 2026 तक के लिए यह बड़ी छूट दी गई है और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
