निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में खुलासा: आधी से ज्यादा महिलाओं में पाई गई खून की कमी
अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने अपने ‘मुस्कान’ प्रकल्प के तहत शेरनी और बिरहाना गांवों में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से निशुल्क एनीमिया उन्मूलन शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों में महिलाओं के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की गई, जिसमें हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, मेंटज़नर इंडेक्स, प्लेटलेट काउंट, रैंडम ब्लड शुगर और थाइरोइड स्तर की जांच शामिल थी। इसके साथ ही, सभी प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर भी मापा गया।
आयोजित किए गए इन दो शिविरों में कुल 172 महिलाओं ने भाग लिया। जांच रिपोर्टों ने स्वास्थ्य के प्रति एक चिंताजनक तस्वीर पेश की। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं में एनीमिया (रक्त की कमी) पाया गया, जो कि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या है। इसके अलावा, करीब 2 प्रतिशत महिलाओं में थायराइड की समस्या और लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का निदान हुआ।
शिविर के दौरान, अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने उपस्थित महिलाओं को एनीमिया और थायराइड जैसी बीमारियों के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी, जो रक्त की कमी को दूर करने में सहायक हो सकता है। डॉ. चतुर्वेदी ने एनीमिया उन्मूलन के लिए स्वच्छ पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर भी जोर दिया, साथ ही शौचालय के नियमित उपयोग के फायदों को समझाया।
डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और समय-समय पर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर अपनी जांचें अवश्य करवाएं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर डॉक्टरी सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करने की भी सलाह दी।
शिविर के अंत में, सभी महिलाओं को स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आयरन, बी काम्प्लेक्स, विटामिन डी और डीवर्मिंग की आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित की गईं। इन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य शिविरों के सफल आयोजन में शेरनी गांव के करण और बिरहाना गांव के मानवेन्द्र व नितिन ने स्थानीय स्तर पर विशेष सहयोग प्रदान किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
