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नेपाल जेलब्रेक: 6516 खतरनाक कैदी फरार, सीमा पर हाई अलर्ट

By Nov 21, 2025

नेपाल में हाल ही में हुई जेन-जी हिंसा और उग्र आंदोलनों के चलते वहां की जेलों से बड़ी संख्या में कैदियों के फरार होने की घटना ने पड़ोसी देशों की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न जेलों से कुल 16316 कैदी भागने में सफल हुए थे, जिनमें से 9800 को नेपाल पुलिस और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पकड़ लिया गया है। हालांकि, अभी भी 6516 कैदी फरार बताए जा रहे हैं, जिनमें कई अत्यंत खतरनाक अपराधी शामिल हैं।

खुफिया एजेंसियों की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इन फरार कैदियों में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान और रोहिंग्या मूल के अपराधी शामिल हैं। इन व्यक्तियों पर मानव तस्करी, साइबर धोखाधड़ी, अवैध हथियार नेटवर्क और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर संगठित अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं। यह फरारी केवल जेल सुरक्षा में चूक का मामला नहीं है, बल्कि नेपाल में व्याप्त अस्थिरता का भी एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।

रिपोर्ट में विशेष रूप से चिंता जताई गई है कि ये अपराधी नेपाल-भारत सीमा की खुली प्रकृति का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर सकते हैं। विशेष रूप से बलरामपुर सीमा से सटे दांग जिले और कपिलवस्तु जेल से भागे कैदियों के भारतीय सीमा में प्रवेश की आशंका सबसे अधिक है, क्योंकि ये जिले भारतीय सीमा से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये अपराधी सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों और कम निगरानी वाले रास्तों का उपयोग कर सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए, नेपाल से सटी उत्तर प्रदेश की सीमाओं, जैसे सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महराजगंज, बहराइच और श्रावस्ती, में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं और चौकसी बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), खुफिया ब्यूरो (आईबी), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और स्थानीय पुलिस मिलकर संयुक्त तलाशी अभियान चला रही हैं। सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित होटलों, ढाबों, बस स्टैंडों और किराए के मकानों की गहन जांच की जा रही है ताकि फरार कैदियों का पता लगाया जा सके।

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