नारनौल के गांवों में पीने योग्य नहीं पानी, जांच में फेल हुए 154 केमिकल और 1055 जीवाणु नमूने
नारनौल के लघु सचिवालय में शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त उदय सिंह की अध्यक्षता में जिला जल एवं सीवरेज मिशन की चौथी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जल शक्ति मंत्रालय के जल जीवन मिशन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। बैठक में महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव भी सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।nnजन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता और जिला जल एवं सीवरेज मिशन के सदस्य सचिव जितेंद्र हुड्डा तथा जिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा ने मिशन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 1,47,923 घरों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस प्रकार, जिला हर घर नल से जल लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने वाला जिला बन गया है। जिले की सभी 343 ग्राम पंचायतों में ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 714 सरकारी विद्यालयों और 1,068 आंगनबाड़ियों में भी नल आधारित पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई गई है।nnहालांकि, पानी की उपलब्धता के लक्ष्य को प्राप्त करने के बावजूद, गुणवत्ता को लेकर चिंताजनक खुलासे हुए हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान की गई जांच में 2,547 केमिकल और 5,252 बैक्टीरियोलॉजिकल नमूनों में से 154 केमिकल और 1055 जीवाणु संबंधी नमूने जांच में असफल पाए गए। यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों का पानी पीने योग्य नहीं है।nnइस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, प्रभावित क्षेत्रों में नहर आधारित पेयजल सप्लाई के कार्यों को प्राथमिकता से जारी रखा जा रहा है। अकबरपुर नांगल, धोली, बेरी, खुडाना और पालड़ी पनिहारा जैसी नहर आधारित पेयजल परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं और 10 ग्राम पंचायतों को लाभान्वित कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, 14 अन्य ग्राम पंचायतों को इन परियोजनाओं से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। खेड़की-गाहड़ा परियोजना के तहत 29 ग्राम पंचायतों में नहर आधारित सप्लाई का कार्य चल रहा है। सिरोही बिहाली, मुस्नौता और आसरावास के तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिनसे 39 ग्राम पंचायतों और नांगल चौधरी शहर को लाभ मिलेगा।nnजिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, गुणवत्ता बनाए रखने और जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। अप्रैल 2025 से अब तक 858 पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है, 181 पंचायतों में समितियां गठित की गई हैं, 915 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और 195 अवैध कनेक्शनों को हटाया गया है। डायरिया रोकथाम अभियान के तहत 1012 गतिविधियां संपन्न हुई हैं।nnबैठक के दौरान, अतिरिक्त उपायुक्त उदय सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई गलियों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और इसकी निगरानी संबंधित कनिष्ठ अभियंता द्वारा की जाए। विधायक कंवरपाल सिंह ने नए बने घरों की सूची तैयार कर उन्हें शीघ्र पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने और जहां आवश्यकता हो वहां नई पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए।”
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