अनाज मंडी के बाहर जाम, जींद रूट पर बसों का परिचालन ठप, ग्रामीणों में रोष
गोहाना में धान के सीजन के चलते जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी के बाहर प्रतिदिन लगने वाले जाम ने गोहाना-जींद मार्ग पर बसों के परिचालन को बाधित कर दिया है। मंडी में प्रतिदिन लगभग 55 हजार क्विंटल धान की आवक होने से किसानों को अपने वाहन खाली कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण जींद रोड और पश्चिमी मिनी बाईपास पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे अन्य निजी और सवारी वाहनों का निकलना दूभर हो जाता है।nnजाम की स्थिति से बचने के लिए गोहाना-जींद मार्ग पर चलने वाली अधिकतर प्राइवेट बसें अब वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजर रही हैं। जाम लगने की स्थिति में ये बसें पानीपत रोड से ग्रीनफील्ड हाईवे होते हुए गांव नूरनखेड़ा से निकल रही हैं। इस बदलाव के कारण बसें अब बुटाना गांव से होकर नहीं गुजर रहीं, बल्कि सीधे नूरनखेड़ा पहुंच रही हैं। इससे बुटाना गांव के निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को बसों का इंतजार करने के लिए नूरनखेड़ा तक जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी यात्रा का समय और परेशानी दोनों बढ़ गई है।nnदूसरी ओर, रोडवेज की बसें अभी भी अपने निर्धारित रूट पर ही चल रही हैं। हालांकि, जाम में फंसने के कारण ये बसें भी अपने गंतव्य पर देरी से पहुंच रही हैं। रोडवेज विभाग ने अभी तक रूट में कोई बदलाव नहीं किया है। निजी बसों के चालक अपनी सुविधा के अनुसार रूट बदल रहे हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। बुटाना गांव के ग्रामीणों, जिनमें आनंद, सत्ता और अशोक जैसे लोग शामिल हैं, ने मांग की है कि बसों का परिचालन पूर्व की तरह निर्धारित रूट पर ही किया जाए ताकि उनकी आवाजाही सुगम हो सके।nnग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जींद जाने के लिए नूरनखेड़ा जाकर बसें पकड़नी पड़ती हैं, और गोहाना आने में भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार, रोडवेज अधिकारियों ने चालकों को निर्धारित रूट पर ही बसें चलाने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि बसों को इधर-उधर से नहीं ले जाया जाए। प्राइवेट बसों के चालकों को भी निर्धारित रूट पर चलने के निर्देश जारी किए जाएंगे।”
दिए जाने की बात कही जा रही है।
