मुजफ्फरनगर पुलिस ने वाहन ठगी गिरोह पर कसा शिकंजा, 9 जालसाज गैंगस्टर एक्ट में नामजद: Muzaffarnagar crime
मुजफ्फरनगर पुलिस ने फर्जी फाइनेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। नगर कोतवाली पुलिस ने इस संगठित गिरोह के सरगना सहित नौ सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई आम जनता को ऐसे धोखाधड़ी से बचाने और वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह गिरोह भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में लेता था। वे उनके आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर उनके नाम पर वाहनों का फाइनेंस करवाते थे। इसके बाद न तो इन वाहनों का वैध पंजीकरण कराया जाता था और न ही अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता था। जालसाज वाहनों के इंजन नंबर और चेसिस नंबर में हेरफेर कर दूसरे राज्यों में उनका फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर बेच देते थे। इस तरह की धोखाधड़ी से कई लोग अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं।
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह वर्मा ने दाखिल गैंग चार्ट के आधार पर धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत यह मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना गुलबहार है, जो उत्तराखंड के रुड़की का निवासी है। इस गिरोह में कानपुर, सहारनपुर, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर के विभिन्न इलाकों से सुनील कुमार कुशवाहा, आशू अग्रवाल, शाह आलम, कादिर, प्रदीप, मुशर्रफ हुसैन उर्फ मूसा, दीपक त्यागी और दीपक कुमार वाल्मीकि जैसे नौ लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपक कुमार वाल्मीकि के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने इन आरोपियों को अक्टूबर 2024 में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया था कि वे ऊंची कीमत की गाड़ियों का ऋण कम कीमत की गाड़ियों की एवज में कराते थे। फिर चेसिस नंबर बदलकर दूसरे राज्यों में फर्जी पंजीकरण कराकर बेच देते थे। इस पूरे खेल में कंपनी के सेल्स मैनेजर की मिलीभगत भी सामने आई थी। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े सभी लोगों को कानून के कटघरे में लाया जा सके और भविष्य में ऐसी ठगी को रोका जा सके।
