मुजफ्फरनगर हाउस एक्सप्लोजन: मकान में धमाके से 50 फीट दूर गिरे शीशे के टुकड़े, 3 की मौत
मुजफ्फरनगर के वसुंधरा कॉलोनी में एक तीन मंजिला मकान में आग लगने के बाद हुए भीषण विस्फोट ने स्थानीय लोगों को दहला दिया है। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दुखद मृत्यु हो गई। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान के शीशे, खिड़कियां और दरवाजे चकनाचूर होकर सड़क पर 50 फीट से अधिक दूर तक बिखर गए।
भयावह मंजर और तत्काल प्रभाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद का दृश्य अत्यंत भयावह था। मकान के शीशे, खिड़कियों के फ्रेम और यहां तक कि सीढ़ियों के शीशे भी टूटकर सड़क पर फैल गए। सामने वाले मकानों की रेलिंग के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना ने इलाके में अफरातफरी मचा दी और लोग सहम गए। विस्फोट से कान सुन्न हो जाने और आसपास की आवाजें सुनाई न देने की बात भी कही गई है।
सिलेंडर और गैस आपूर्ति का रहस्य
जांच में पता चला है कि क्षतिग्रस्त मकान में तीन सिलेंडर रखे थे, जिनमें से एक गीजर से जुड़ा था और दो भरे हुए थे। यह बात लोगों को हैरान कर रही है क्योंकि मकान की रसोई में पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति भी हो रही थी। पुलिस ने इस बिंदु को अपनी जांच में शामिल किया है।
वेंटिलेशन की कमी और मकान की बनावट
यह तीन मंजिला मकान लगभग 125 गज में बना है और इसमें तीनों मंजिलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन की कमी बताई जा रही है। तीसरी मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियों के सामने शीशे लगे थे, और खिड़कियों व दरवाजों में भी शीशे का इस्तेमाल किया गया था। इसी बनावट के कारण विस्फोट के समय शीशे दूर तक बिखर गए।
आवासीय क्षेत्र में घटना का असर
वसुंधरा कॉलोनी एक पॉश इलाका है जहां बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी किराए पर रहते हैं। जिस मकान में यह हादसा हुआ, वह भी तीन किराएदारों को दिया हुआ था। इस घटना ने शहर के एक प्रतिष्ठित आवासीय क्षेत्र में सुरक्षा और गैस सिलेंडरों के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
