चांद पर बिना हवा के उड़ेंगे मूनफॉल ड्रोन, नासा के आर्टेमिस मिशन का हिस्सा
नासा चांद पर बिना हवा के उड़ने वाले खास ड्रोन तैनात करने की योजना बना रहा है। इन्हें मूनफॉल ड्रोन नाम दिया गया है। ये ड्रोन नासा के बड़े आर्टेमिस मिशन का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य चांद पर स्थायी बेस बनाना है। ये ड्रोन चांद की मुश्किल जगहों, जैसे गहरे गड्ढों, चट्टानों और हमेशा अंधेरे वाले इलाकों की जांच करेंगे, जहां सामान्य रोवर नहीं पहुंच सकते।
चांद पर हवा नहीं होती, इसलिए ये आम ड्रोन की तरह नहीं उड़ेंगे। इसके बजाय ये रॉकेट इंजन की मदद से छलांग लगाकर आगे बढ़ेंगे। हर छलांग में ये करीब एक किलोमीटर ऊंचाई तक जा सकते हैं और कुल 50 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकते हैं। एक छलांग लगाने में सिर्फ 150 सेकंड लगेंगे।
ड्रोन में सोलर पैनल, बैटरी, कैमरा और ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार लगे होंगे। ये पूरी तरह खुद चलने वाले होंगे और चांद की बहुत ठंडी रातों में भी काम कर सकेंगे। अगर यह प्लान सफल रहा तो चांद की खोज बहुत तेज और आसान हो जाएगी। ये ड्रोन भविष्य में चांद पर इंसानों के रहने की जगह चुनने और संसाधनों की तलाश में भी मदद करेंगे। पहले बैच को 2028 के आसपास चांद पर भेजा जा सकता है। इस नई तकनीक से भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण की गति और क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
