एम्स ऋषिकेश के डॉक्टरों का चमत्कार: बिना सर्जरी हार्ट वाल्व लीकेज का सफल इलाज, जानें यह नई तकनीक
एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने एक 65 वर्षीय मरीज, जगत वीर सिंह, के हृदय वाल्व में गंभीर लीकेज का सफलतापूर्वक इलाज किया है। मरीज की हृदय की पंपिंग क्षमता मात्र 20% रह गई थी, और उम्र व पूर्व सर्जरी के कारण वे ओपन हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं थे।
अत्याधुनिक टीईईआर तकनीक का प्रयोग
कार्डियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की टीम ने ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टीईईआर) नामक एक अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में छाती को खोले बिना, जांघ की रक्त वाहिका के माध्यम से एक विशेष क्लिप हृदय तक पहुंचाई जाती है। यह क्लिप वाल्व के लीकेज वाले हिस्सों को जोड़कर रक्त के उल्टे प्रवाह को कम करती है, जिससे हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
मरीज की स्थिति में सुधार
इलाज के बाद, 65 वर्षीय जगत वीर सिंह अब स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे पहले सांस फूलने और चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई का सामना कर रहे थे। यह नई उपचार पद्धति जटिल हृदय रोगों के लिए एक आशा की किरण है, जो बिना बड़ी सर्जरी के प्रभावी परिणाम दे रही है। एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने इस उपलब्धि को संस्थान की विश्वस्तरीय हृदय रोग उपचार सुविधाओं का प्रमाण बताया है।
