बस्ती में पारा गिरा, गलन भरी हवाओं से बढ़ी ठंड, कोहरे का असर
बस्ती में पारे के लुढ़कने से ठंड के साथ-साथ गलन में भी इजाफा हुआ है। पछुआ हवाओं के तेज झोंकों ने लोगों को कंपकंपा दिया है, वहीं पशु-पक्षी भी इस शीतलहर से बेहाल नजर आ रहे हैं।
सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। सोमवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, हालांकि हवा के कारण कोहरे का धुंध धीरे-धीरे छंट गया और सूरज भी देर से निकला। दोपहर दो बजे के बाद सूरज बादलों की ओट से बाहर आया, लेकिन दिनभर बादल और सूरज के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा।
हल्की धूप के बावजूद दिनभर ठंड बरकरार रही। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए ही बाहर निकले। ठंड से बचने के लिए अधिकांश लोग घरों में ही दुबके रहे। शहर से लेकर गांवों तक लोग अलाव तापते हुए नजर आए। अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 90 प्रतिशत और न्यूनतम 80 प्रतिशत रही, जबकि हवा की गति 7 से 12 किमी./घंटा रही।
इस कड़ाके की ठंड में राहगीरों के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा बना हुआ है। शहर के फौव्वारा तिराहा, शास्त्री चौक, रोडवेज, कटरा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, जो असहाय लोगों को ठंड से राहत पहुंचा रहे हैं। इस ठंड का सीधा असर दैनिक जनजीवन पर पड़ रहा है, जिससे लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
