0

जम्मू-कश्मीर में कर्मचारियों की बर्खास्तगी और मस्जिदों की प्रोफाइलिंग पर महबूबा मुफ्ती का विरोध, जानिए मामला

By Jan 14, 2026

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में आतंकवादियों के मददगार माने जा रहे सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और मस्जिदों की प्रोफाइलिंग को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन कार्रवाइयों को “मनमाना” और “अन्यायपूर्ण” करार दिया है।

महबूबा मुफ्ती ने पांच सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी को “सामूहिक सज़ा” बताया, जो परिवारों को अंधेरे में धकेलती है और उचित कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी करती है। उन्होंने कहा कि “अन्याय को नॉर्मल बनाना बंद होना चाहिए”।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने कश्मीर घाटी में मस्जिदों की प्रोफाइलिंग पर भी आपत्ति जताई। उनका मानना है कि इमामों और मस्जिद मौलवियों की निगरानी मुसलमानों को उनके धर्म से दूर करने की “सीधी दखलअंदाजी” है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार धार्मिक नेताओं पर नज़र रखना चाहती है, तो मंदिरों से शुरुआत क्यों नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि इमामों के आधार कार्ड और प्रोफाइल इकट्ठा करना मुसलमानों को निशाना बनाने और डर पैदा करने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है।

महबूबा मुफ्ती ने चिंता व्यक्त की कि मस्जिदों को निशाना बनाने का यह मामला जल्द ही पूरे देश में फैल सकता है।

इसी बीच, महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस किस कानून के तहत मस्जिदों की प्रोफाइलिंग कर रही है। इसे “बेतुकी सज़ा देने वाली नीतियां” बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह “मुसलमानों पर शक, अलग-दूर करना और सज़ा देना” दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी खुद को लगातार अकेला और अलग-दूर महसूस कर रहे हैं।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें