जमीन अधिग्रहण पर सीएम की चुप्पी पर महबूबा का वार, कहा – सिर्फ पीडीपी के खिलाफ बोलने में बिज़ी
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला है। महबूबा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री आम लोगों की चिंताओं, खासकर जमीन अधिग्रहण और बागवानों से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता के मुद्दों को सुलझाने के बजाय सिर्फ पीडीपी के खिलाफ बोलने में व्यस्त हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनके पास पूर्ण बहुमत है और संसद में भी उनकी पार्टी के सदस्य हैं, फिर भी वह उन मुद्दों पर चुप रहते हैं जो गरीबों को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री को कश्मीरियों के बागों और जमीन के भावनात्मक और आर्थिक महत्व का अंदाजा नहीं है, जो कई गरीब परिवारों के लिए आजीविका का एकमात्र साधन हैं।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी और अकेलेपन की दर इतनी बढ़ गई है कि पुलवामा के एक डॉक्टर ने खुद को और दिल्ली में कुछ निर्दोष लोगों को मार डाला, फिर भी सरकार ज्वलंत मुद्दों पर खामोश है। उन्होंने सरकार से कश्मीर में रेलवे और अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन लेते समय स्थानीय युवाओं को नौकरी देने को प्राथमिकता देने की अपील की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास लोगों की रोजी-रोटी और सम्मान की कीमत पर नहीं हो सकता। हजारों परिवारों, खासकर बागवानों और छोटे किसानों के लिए जमीन ही गुजारे का एकमात्र जरिया है। किसी भी जमीन अधिग्रहण के फैसले के साथ प्रभावित स्थानीय लोगों के लिए नौकरी और पुनर्वास का ठोस आश्वासन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट के लिए जमीन लेने से पहले, सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी बेरोजगार युवाओं और प्रभावित परिवारों को नौकरी मिले, क्योंकि यहां जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के लिए आजीविका, पहचान और जीवन का आधार है।
